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Introductory Sanskrit: Grammar

By PROF. JAIKANT SINGH SHARMA   |   SHRI LAL BAHADUR SHASTRI NATIONAL SANSKRIT UNIVERSITY, (CENTRAL SANSKRIT UNIVERSITY), NEW DELHI - 110016
Learners enrolled: 1348



1. यह सर्व विदित है कि जैसे लोकव्यवहार का प्रमुख साधन भाषा है वैसे यह भी स्थापित सत्य है कि विश्व की प्रायः सभी भाषाओं में संस्कृत प्राचीन एवं संरचना की दृष्टि से वैज्ञानिक भाषा है। जिसकी शब्द सम्पन्नता एवं अभिव्यञ्जन सामर्थ्य अद्भुत है।

2. व्याकरण संस्कार से युक्त होने का कारण यह संस्कृत के नाम से जानी जाती है।

3. भारतीय ऋषियों ने इसके ज्ञानपूर्वक प्रयोग में भी पुण्योत्पादकता स्वीकार की है।

4. भाषा का संस्कृतत्त्व तपःपूत महर्षियों के वैज्ञानिक व्याकरण की अनुशासन भित्ति पर आधारित है। प्रयोगार्ह पद दो प्रकार के होते है – सुबन्त एवं तिङन्त। सामान्यतः वाक्यों में सुबन्त अधिक एवं तिङन्त कम उपलब्ध होते है।

5. सुप्-प्रत्ययों की प्रकृति प्रातिपदिक भी दो प्रकार के होते है – कुछ आधुनिक नाम जैसे व्युत्पन्न और कुछ अव्युत्पन्न। व्युत्पन्नों में कुछ धातुप्रकृतिक कृदन्त होते हैं।

6. कृत्प्रत्ययों में कुछ ण्वुल्, तृच् आदि सार्वकालिक प्रत्यय; शतृ, शानच् जैसे वर्तमानकालिक प्रत्यय; क्त, क्तवतु 
जैसे भूतकालिक प्रत्यय तथा कुछ भविष्यत्कालिक प्रत्यय होते है।

7. ‘सर्वं वाक्यं क्रियया परिसमाप्यते’ यह उक्ति वाक्य में तिङन्त पद की महिमा स्पष्ट करती है।

8. इसके यथार्थ परिज्ञानार्थ गणों के अनुसार विभक्त विविध धातुओं के अर्थाधारित सकर्मकाकर्मक स्वरूप को जानना, उसके आत्मनेपदी परस्मैपदी तथा उभयपदी होने का निर्धारण करना अपेक्षित होता है।

9.  भाषा दक्षता के वाच्यप्रबोधार्थ कर्ता कर्म एवं भाव में लकारों का प्रयोग प्रशिक्षण आवश्यक होता है।

10. इस प्रकार व्याकरण संस्कार से पुष्ट संस्कृत भाषा का परिचय कराने हेतु यह पाठ्यक्रम ‘परिचयात्मकसंस्कृतं व्याकरणं च’ को प्रस्तुत किया जा रहा है॥
Summary
Course Status : Ongoing
Course Type : Elective
Duration : 15 weeks
Start Date : 01 Jul 2021
End Date : 31 Oct 2021
Exam Date : 15 Nov 2021 IST
Enrollment Ends : 15 Sep 2021
Category :
  • Humanities and Social Sciences
Credit Points : 4
Level : Postgraduate



Course layout

सप्ताह 1 :
संस्कृतभाषा का महत्त्व  ( Importance of Sanskrit Language )

सप्ताह 2 : 
संस्कृत शास्त्रों का परिचय ( Introduction of Sanskrit Shastras )

सप्ताह 3 : 
सन्धि, स्वादिसन्धि ( Combination, Swadi Combination )

सप्ताह 4 : 
सन्धि अनुवर्तित ( Continioue Combination )

सप्ताह 5 : 
स्त्री प्रत्यय ( Stri Suffixes)

सप्ताह 6 : 
समास ( Compounds)

सप्ताह 7 : 
तद्धित प्रत्यय ( Taddhit Suffixes)

सप्ताह 8 :
Assignments

सप्ताह 9 : 
तिङन्त ( Tiganta )

सप्ताह 10 :
तिङन्त अनुवर्तित  ( Tigant Anuvartit )

सप्ताह 11 : 
सनाद्यन्तधातु  ( Sanadhyant Dhatu) 

सप्ताह 12 : ( Process of Atmanepada- Parasmaipada )
आत्मनेपद-परस्मैपदप्रक्रिया 

सप्ताह 13 : 
लकारार्थप्रक्रिया ( Process of Lakarartha )

सप्ताह 14 : 
कृदन्त ( Kridanta )

सप्ताह 15 :
Assignments

Books and references

Click here for Refences and Web links

Reference Books: 

  1. वैयाकरणसिद्धान्तकौमुदी - चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .

  2.  वैयाकरणसिद्धान्तकौमुदी (हिन्दी व्याख्या - गोपाल दत्त पाण्डेय)  चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .

  3.  वैयाकरणसिद्धान्तकौमुदी ( तत्त्वबोधिनी )  चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .

  4.  वैयाकरणसिद्धान्तकौमुदी (बालमनोरमा टीका - आचार्य वासुदेव दीक्षित )  चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .

  5. व्याकरणशास्त्र  का इतिहास  ( आचार्य बलदेव उपाध्याय ), उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान , लखनऊ .

  6. व्याकरणशास्त्रस्येतिहसः  ( आचार्यलोकमणिदहालः ), चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .

  7. वेदाङ्गस्येतिहसः  ( डॉ. नरेश झा) ,चौखम्बा प्रकाशन , वाराणसी .


Web links:

  1. https://archive.org/details/VaiyakaranaSiddhantaKaumudiOfBhattojiDikshitaPt.GopalaShastriNene

  2. https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.283755

  3. https://ashtadhyayi.com/sutraani/

  4. https://en.wikipedia.org/wiki/Vy%C4%81kara%E1%B9%87a

  5. https://epustakalay.com/book/16700-vyakaran-shastra-ka-itihas-by-yudhishthir-mimansak/


Instructor bio

PROF. JAIKANT SINGH SHARMA

SHRI LAL BAHADUR SHASTRI NATIONAL SANSKRIT UNIVERSITY, (CENTRAL SANSKRIT UNIVERSITY), NEW DELHI - 110016

महर्षि वाल्मीकि-पुरस्कार, विद्यासागर पुरस्कार एवं आचार्य श्रीरामप्रसादत्रिपाठी पुरस्कारों से सम्मानित प्रो. जयकान्त सिंह शर्मा संस्कृत वाङ्मय के विशिष्ट विद्वान् हैं। आप विद्वत्समाज में एक भारतीय प्राच्य प्रज्ञा का प्रतिनिधित्व करते हैं।  आपका 35 वर्षों का स्नातकोत्तरस्तर तक का शोध एवं अध्यापनानुभव है। आपने विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यलयों में अध्यापन एवं प्रशासन का कार्य  किया है। आप नाना विश्वविद्यालयों में विषय-विशेषज्ञ के रूप कार्य किया हैं।

वर्तमान में प्रो. जयकान्त सिंह शर्मा श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रिय संस्कृत  विश्वविद्यालय (केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय) के व्याकरणविभाग में वरिष्ठाचार्य एवं वेदवेदाङ्गसङ्काय प्रमुख भी हैं आपके निर्देशन में अनेक शोधच्छात्रों ने शोधोपाधि प्राप्त कर चुके हैं । व्याकरण तथा दर्शन के क्षेत्र में आपके अनेक पुस्तकें छात्रों और अध्यापकों के लाभदायक सिद्ध हो चुकें हैं

प्रो. शर्मा विश्वविद्यालय की अनेक समितियों के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। -पीजी पाठशाला परियोजना के अन्तर्गत आप ने 10 पाठों का निर्माण चार चतुर्थांश के साथ किया है। आपने भारत सरकार द्वारा  स्वयं के माध्यम से संचालित मूक्स पाठ्यक्रम- 2019 का सफल संयोजन किया हैं।

 

Course certificate

“30 Marks will be allocated for Internal Assessment and 70 Marks will be allocated for external proctored examination”


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