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Indian Knowledge System Character Building and Overall Personality Development (Under Indian Knowledge Tradition) भारतीय ज्ञान प्रणाली चरित्र निर्माण एवं समग्र व्यक्तित्व विकास (भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत)

By डॉ. किरण आर्या   |   डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि. सागर।
Learners enrolled: 549
यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को सचेत करेगा। उन्हें जीवन के मुख्य उद्देश्य से जोड़ेगा । उनके चारित्रिक समग्र विकास में सहायक होगा। उनका बौद्धिक विकास करेगा। उन्हें संस्कारवान् बनायेगा। चरित्रवान् बनायेगा। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थी जीवन की वास्तविकता से अवगत होकर विवेक अविवेक को धारण करेंगे , कर्तव्य अकर्तव्य को समझेगें। विद्या से प्राप्त नियुक्ति और विमुक्ति को समझेगें। अपने भविष्य को सुसंस्कृत करेंगे। आज के विद्यार्थी ही देश के भविष्य  हैं अतः देश का सर्वांगीण विकास यदि हम चाहते हैं तो वर्तमान को संभालना होगा , संवारना होगा।  जिसके जिम्मेदार आज के बच्चे हैं । अतः उन विद्यार्थियों को ऐसी सत् शिक्षा  देने का कार्य भारतीय ज्ञान परम्परा ही करती है। परम्परा का अर्थ लीक पर चलना नहीं है अपितु - परं परं एति इति परम्परा अर्थात् श्रेष्ठ से श्रेष्ठ की ओर बढ़ना, नवाचार करना ही परंपरा है । नवाचार के विचार  का आधार व्यक्ति का व्यक्तित्व है। उस व्यक्तित्व को संवारने का काम यह पाठ्यक्रम करेगा।

उद्देश्य:- 

विद्यार्थी अपनी परम्परा से अवगत होंगे ।

विद्यार्थियों में नैतिक शिक्षा का समावेश होगा।

चरित्र निर्माण तथा व्यक्तित्व का समग्र विकास होगा।

सत्य-असत्य, विवेक अविवेक, कर्तव्य-अकर्तव्य का बोध होगा।

स्वावलम्बी एवं आत्मनिर्भर होकर सुखी सुव्यवस्थित जीवन जीने की कला का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

वे राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य को समझेंगे।

गीता के विश्वप्रसिद्ध ज्ञान का उपयोग व्यक्तित्व के समग्र विकास में करेगे।

भारतीय परम्परा में जीवन के लिये प्राप्त पुरुषार्थ चतुष्टय का ज्ञान भी प्राप्त करेंगे।

अपने चतुर्मखी विकास के लिये उपयोगी योगतत्त्वों को योगदर्शन के माध्यम से समझेगे।

Summary
Course Status : Upcoming
Course Type : Elective
Language for course content : Hindi
Duration : 8 weeks
Category :
  • Philosophy
Credit Points : 2
Level : Undergraduate
Start Date : 12 Jan 2026
End Date : 30 Apr 2026
Enrollment Ends : 28 Feb 2026
Exam Date :
Translation Languages : Hindi

Page Visits



Course layout

भारतीय ज्ञान परम्परा

Weekly Plan

 

S.No.

Title

Week 1

Day 1

भारतीय ज्ञान परम्परा का स्वरूप

Day 2

भारतीय ज्ञान परम्परा में चरित्र और व्यक्तित्व की परिभाषा

Day 3

चरित्र और व्यक्तित्व विकास में भारतीय अवधारणा

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 2

Day 1

चरित्र और व्यक्तित्व विकास के मूलतत्व भाग -1

Day 2

चरित्र और व्यक्तित्व विकास के मूलतत्व भाग -2

Day 3

चरित्र और व्यक्तित्व विकास की आवश्यकता भाग -1

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 3

Day 1

चरित्र और व्यक्तित्व विकास की आवश्यकता भाग -2

Day 2

भारतीय ज्ञान परम्परा में उपनिषदों का वैशिष्ट्य भाग -1

Day 3

भारतीय ज्ञान परम्परा में उपनिषदों का वैशिष्ट्य भाग -2

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 4

Day 1

तैतरीय उपनिषद् में पञ्चकोष विवेचन

Day 2

पंचकोशों की उपयोगिता

Day 3

चरित्र निर्माण में पंचकोशों की भूमिका

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 5

Day 1

पुरुषार्थ चतुष्टय व्याख्या

Day 2

भारतीय ज्ञान परम्परा में पुरुषार्थ चतुष्टय चिंतन

Day 3

भारतीय ज्ञान परम्परा में पुरुषार्थ चतुष्टय चिंतन

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 6

Day 1

व्यक्तित्व विकास में पुरुषार्थ चतुष्टय की उपयोगिता

Day 2

श्रीमद्भगवद्गीता का वैशिष्ट्य

Day 3

श्रीमद्भगवद्गीता में चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का उपदेश

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 7

Day 1

श्रीमद्भगवद्गीता का द्वादश अध्याय अध्ययन

Day 2

वर्तमान काल में श्रीमद्भगवद्गीता की उपयोगिता

Day 3

श्रीमद्भगवद्गीता की प्रासंगिकता

Day 4

Assignment

Day 5

Self Study and Test

Week 8

Day 1

भारतीय ज्ञान परम्परा निर्वाहक  दर्शन

Day 2

आस्तिक एवं नास्तिक दर्शनों का सामान्य परिचय

Day 3

योगसूत्र और मानव जीवन

Day 4

योगसूत्र समाधिपाद का अधिभौतिक पक्ष

Day 5

Self Study and Test

 

Books and references

1 भारतीय षिक्षा दार्षनिक

2 ज्ञानयोग

3 ईषावास्योपनिषद्

4 मुण्डकोपनिषद्

5 श्वेताष्वतरोपनिषद्

6 कठोपनिषद्

7 बृहदारण्यकोपनिषद्

8 छान्दोग्योपनिषद्

9 महाभारत आदिपर्व

10. Powers of the mind

11. To the students

12. Gandhiji in Sadhana 


Instructor bio

डॉ. किरण आर्या

डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि. सागर।
जीवनवृत्त

नाम - डॉ. किरण आर्या
जन्म तिथि - 03.01.1981(तीन जनवरी उन्नीस सौ इक्यासी)
मो. न. - 9479983604
ईमेल आईडी - ापतंदनरद14/हउंपसण्बवउ


शोधनिर्देषन -
अवार्ड - 01
रजिस्टर्ड - 04

रिसर्च पब्लिकेषन -
रिसर्च पेपर यू. जी. सी. लिस्टेड - 15
रिसर्च पेपर पियर रिवीव्ड जर्नल्स - 35
पुस्तक में अध्याय - 12
सम्पादित पुस्तकें - 04
पुस्तक प्रकाषित - 07



आमन्त्रित व्याख्यान/रिसोर्स पर्सन/ पेपर प्रेजेण्ट/संगोष्ठी में सहभागिता आदि -

आमन्त्रित व्याख्यान राष्ट्रिय, अन्ताराष्ट्रिय - 20
रिसोर्स पर्सन के रूप में      - 15
संगोष्ठी में पेपर प्रेजेण्ट           - 60


सम्मान-‘
षिक्षक सेवा सम्मान  (समाज सेवा मिषन, ललितपुर) 2025

पुरस्कार -
1. डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि., भाषण शैली प्रतियोगिता (डभ्त्क्)द्वितीय 2014
2. डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि. हिन्दी पखवाड़ा राजभाषा प्रकोष्ठ, भाषण 
प्रतियोगिता 2018 तृतीय स्थान।

कोर्सवर्क - 
1 ओरिएण्टेषन प्रोग्राम  - 2015
2 रिफरेषर कोर्स 30.05.2016 से 19.06.2016
3 रिफरेषर कोर्स    17.09.2018 से 07.10.2018
4 रिफरेषर कोर्स     01.11.2019 से 14.11.2019
5 रिफरेषर कोर्स     02.09.2022 से 15.09.2022
6 शार्ट टर्म कोर्स 20.03.2017 से 25.03.2017़
7 वर्कषाप 07.10.2022 से 11.10.2022


सदस्यता -

सदस्य, सागरिका पत्रिका, संस्कृत विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि. सागर।

सदस्य, नाट्यम् पत्रिका (यू.जी.सी केयर लिस्टेड), संस्कृत विभाग, डॉ. हरिसिंह गौर वि. वि. सागर।


अध्यापन अनुभव
1 - श्री रामसुन्दर संस्कृत महाविद्यालय दरभंगा(बिहार)असि0प्रो0 23.03.2012 से 31.05.     2013 तक।
2 - वर्तमान में असि.प्रो. डॉ. हरिसिंह गौर वि.वि. सागर 04.06.2013 से निरन्तर - 11 वर्ष निरन्तर।

Course certificate

Assessment and Certification Details

Internal Assessment:

  • Weekly assessments released in the course will be considered for internal marks and will carry 30% weightage in the overall result.

  • Out of all weekly assignments, the best five scores will be considered for calculating the final internal assessment marks.

End-term Assessment:

  • The final examination will be conducted by the National Testing Agency (NTA) and will carry 70% weightage in the overall result.

Eligibility for SWAYAM Credit Certificate:

  • To be eligible for the SWAYAM Credit Certificate, students must secure at least 40% marks in the internal assessment and 40% marks in the end-term proctored exam, separately.

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