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MHD-03 : उपन्यास एवं कहानी

By प्रो. जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव   |   Indira Gandhi National Open University

पाठ्यक्रम परिचय

(एम.एच.डी.-03 : उपन्यास एवं कहानी)

यह  एम.ए. हिंदी के प्रथम सेमेस्टर हेतु 8 क्रेडिट का अनिवार्य पाठ्यक्रम है । यह पाठ्यक्रम हिंदी उपन्यास एवं कहानी से संबंधित है । इस पाठ्यक्रम में आप कुल पाँच उपन्यासों तथा चौदह कहानियों का अध्ययन करेंगी/ करेंगे । पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए निर्धारित उपन्यास हैं- ‘गोदान’ (प्रेमचंद), ‘मैला आँचल’ (फणीश्वनाथ रेणु), ‘बाणभट्ट की आत्मकथा’ (हजारीप्रसाद द्विवेदी), ‘धरती धन न अपना (जगदीश चंद्र) तथा ‘सूखा बरगद’ (मंजूर एहतेशाम)। इसी प्रकार अध्ययन के लिए निर्धारित कहानियाँ हैं- ‘ठाकुर का कुआँ’ (प्रेमचंद), ‘पुरस्कार’ (जयशंकर प्रसाद), ‘कुत्ते की पूँछ’ (यशपाल), ‘पाजेब’ (जैनेंद्र कुमार), रोज (अज्ञेय), ‘पिता’ (ज्ञानरंजन), ‘तिरिछ’ (उदय प्रकाश), ‘त्रिशंकु’ (मन्नू भंडारी), ‘चीफ की दावत’ (भीष्म साहनी), ‘कर्मनाशा की हार’ (शिव प्रसाद सिंह), भोलाराम का जीव (हरिशंकर परसाई), एक दिन का मेहमान (निर्मल वर्मा), ‘सिक्का बदल गया’ (कृष्णा सोबती) तथा ‘यह अंत नहीं’ (ओम प्रकाश वाल्मीकि)। इस पूरे पाठ्यक्रम को 80 वीडियो कार्यक्रमों एवं सहायक अध्ययन सामग्री में बाँटा गया है ।

इन वीडियो कार्यक्रमों एवं सहायक अध्ययन सामग्री के माध्यम से आप निर्धारित उपन्यासों और कहानियों के अध्ययन के साथ-साथ उनके रचनाकारों और युगीन साहित्यिक सामाजिक प्रवृत्तियों और परिस्थितियों  से भी परिचित होंगी/होंगे ।

Course Credit - 8


Learners enrolled: 949

SUMMARY

Course Status : Upcoming
Course Type : Core
Duration : 16 weeks
Start Date : 15 Jul 2020
End Date :
Exam Date :
Category :
  • Language
  • Level : Postgraduate

    COURSE LAYOUT

    Week -1
    इकाई-1 किसान जीवन के परिप्रेक्ष्य में गोदान

    Week -2
    इकाई-2 राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में गोदान
    इकाई-3 'गोदान' में नारी-चरित्र

    Week – 3
    इकाई-4 धरती धन न अपना : दलित जीवन की त्रासदी के संदर्भ में
    इकाई-5 "धरती धन न अपना" : चित्रांकन और आंचलिक पहलू

    Week – 4
    इकाई-6 सूखा बरगद : मध्यवर्गीय मुस्लिम समाज की मानसिकता
    इकाई-7 सूखा बरगद : अल्पसंख्यक समाज में असुरक्षा की भावना

    Week -  5
    इकाई-8 मैला आंचल और आंचलिक उपन्यास की अवधारणा

    Week – 6
    इकाई-9 मैला आंचल में सामाजिक व राजनीतिक संदर्भ
    इकाई-10 मैला आंचल : भाषा और शिल्प  

    Week – 7
    इकाई-11 बाणभट्ट की आत्मकथा : भारतीय जीवनदृष्टि

    Week – 8
    इकाई-12 बाणभट्ट की आत्मकथा का शिल्प
    इकाई-13 बाणभट्ट की आत्मकथा की प्रासंगिकता

    Week – 9
    इकाई-14 ठाकुर का कुआँ : प्रेमचंद
    इकाई-15 पुरस्कार : जयशंकर प्रसाद

    Week – 10
    इकाई-16 कुत्ते की पूंछ : यशपाल
    इकाई-17 पाजेब : जैनेन्द्र कुमार

    Week – 11
    इकाई-18 रोज़ : अज्ञेय

    Week – 12
    इकाई-19 पिता : ज्ञानरंजन
    इकाई-20 तिरिछ : उदय प्रकाश

    Week – 13
    इकाई-21 त्रिशंकु : मन्नू भंडारी
    इकाई-22 'चीफ की दावत'-भीष्म साहनी

    Week – 14
    इकाई-23 कर्मनाशा की हार : शिवप्रसाद सिंह
    इकाई-24 भोलाराम का जीव : हरिशंकर परसाई

    Week – 15
    इकाई-25 एक दिन का मेहमान : निर्मल वर्मा
    इकाई-26 सिक्का बदल गया - कृष्णा सोबती

    Week – 16
    इकाई-27 यह अंत नहीं : ओमप्रकाश वाल्मीकि

    हिंदी कहानी विविधा (लेखक परिचय और कहानियों का संग्रह)

    BOOKS AND REFERENCES

    INSTRUCTOR BIO

    प्रो. जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

    Indira Gandhi National Open University
    मानविकी विद्यापीठ के हिंदी संकाय में अध्यापनरत प्रो. जितेन्द्र श्रीवास्तव हिंदी के प्रतिष्ठित कवि और आलोचक हैं । उनकी उच्च शिक्षा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली से हुई है । वे दो दशक  से अधिक समय से शिक्षण कार्य कर रहे हैं । उनकी अब तक 22 पुस्तकें और 150 से अधिक आलोचनात्मक निबंध प्रकाशित हैं । ‘अनभै कथा’,‘असुन्दर सुन्दर’, ‘बिल्कुल तुम्हारी तरह’, ‘कायान्तरण’, ‘कवि ने कहा’, ‘भारतीय समाज, राष्ट्रवाद और प्रेमचंद’, ‘विचारधारा, नए विमर्श और समकालीन कविता’ तथा ‘रचना का जीवद्रव्य’ उनकी प्रसिद्ध पुस्तकें हैं । प्रो. जितेन्द्र श्रीवास्तव को अनेक सम्मान और पुरस्कार मिले हैं जिनमें प्रमुख हैं: भारत भूषण अग्रवाल सम्मान, देवीशंकर अवस्थी सम्मान, हिंदी अकादमी दिल्ली का ‘कृति सम्मान’, उ.प्र. हिंदी संस्थान का ‘रामचन्द्र शुक्ल पुरस्कार’, उ.प्र. हिंदी संस्थान का ‘विजयदेव नारायण साही पुरस्कार’, भारतीय भाषा परिषद् सम्मान, डॉ. रामविलास शर्मा आलोचना सम्मान, और परम्परा ऋतुराज सम्मान । प्रो. जितेन्द्र श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में 100 से अधिक आमंत्रित व्याख्यान दिए हैं ।

    COURSE CERTIFICATE

    M.A Hindi 


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